15 से 17 साल के बच्चों के लिए जरूरी अलर्ट! आधार बायोमेट्रिक अपडेट नहीं कराया तो निष्क्रिय हो सकता है UID नंबर

हापुड़: 15 से 17 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण सूचना है। यदि इस आयु सीमा में पहुंच चुके बच्चों का आधार बायोमेट्रिक अपडेट अभी तक नहीं कराया गया है, तो उनकी आधार संख्या निष्क्रिय होने का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में शिक्षा, छात्रवृत्ति और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) बच्चों के आधार में अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट को लेकर विशेष अभियान चला रहा है। इस अभियान का उद्देश्य उन बच्चों के आधार रिकॉर्ड को अपडेट करना है, जिन्होंने निर्धारित आयु पूरी करने के बावजूद अभी तक बायोमेट्रिक जानकारी का नवीनीकरण नहीं कराया है।

दो चरणों में होता है अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट

आधार नियमों के अनुसार बच्चों के लिए बायोमेट्रिक अपडेट दो चरणों में अनिवार्य किया गया है। पहला अपडेट बच्चे के 5 वर्ष की आयु पूरी होने पर और दूसरा 15 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद कराया जाना आवश्यक है।

इस प्रक्रिया के दौरान बच्चे के फिंगरप्रिंट, आईरिस स्कैन और नवीनतम फोटो को आधार डेटाबेस में दर्ज किया जाता है, ताकि पहचान संबंधी जानकारी अद्यतन बनी रहे।

निशुल्क उपलब्ध है यह सुविधा

UIDAI की ओर से यह सेवा पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। आधार केंद्रों पर बायोमेट्रिक अपडेट के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जा रहा है। अभिभावक अपने नजदीकी आधार केंद्र पर जाकर बच्चों का अपडेट आसानी से करा सकते हैं।

समय पर अपडेट नहीं हुआ तो निष्क्रिय हो सकता है आधार

प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि यदि पहला अनिवार्य अपडेट 5 से 7 वर्ष की आयु के बीच और दूसरा अपडेट 15 से 17 वर्ष की आयु के बीच नहीं कराया जाता है, तो आधार संख्या निष्क्रिय की जा सकती है।

आधार निष्क्रिय होने की स्थिति में बच्चों को कई आवश्यक सेवाओं और सुविधाओं में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

शिक्षा और सरकारी योजनाओं पर पड़ सकता है असर

विशेषज्ञों के अनुसार आधार निष्क्रिय होने पर छात्रवृत्ति, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT), स्कूल और कॉलेज में प्रवेश, प्रतियोगी परीक्षाओं के पंजीकरण तथा अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में बाधाएं आ सकती हैं।

इसी कारण अभिभावकों को सलाह दी जा रही है कि वे समय रहते बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट पूरा कर लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की प्रशासनिक या शैक्षणिक समस्या का सामना न करना पड़े।

अभिभावकों से की गई अपील

अधिकारियों ने अभिभावकों से अनुरोध किया है कि वे अपने बच्चों की आधार स्थिति की जांच करें और यदि बायोमेट्रिक अपडेट लंबित है तो जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी कराएं। इससे बच्चों की पहचान संबंधी जानकारी अद्यतन रहेगी और उन्हें सरकारी सेवाओं का लाभ निर्बाध रूप से मिलता रहेगा।

 

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